बिहार में गंगा नदी पर बने बिदुपुर-कच्ची दरगाह सिक्स लेन ब्रिज पर वाहनों का परिचालन शुरू हो गया है और इस नए पुल पर गाड़ियां दौड़ने लगी हैं। बरसात के मौजूदा मौसम में गंगा नदी पूरी तरह लबालब भरी हुई है और नदी के ऊपर बने इस विशाल पुल पर वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटे भर रहे हैं। छह लेन के इस पुल के चालू होने से दोनों छोरों के बीच सुगम और तेज गति से आवागमन शुरू हो चुका है।

तकनीकी विशेषताओं की बात करें तो यह पुल 22.5 मीटर ऊंचे पायलॉन पर 14 केबलों के सहारे टिका हुआ है। वीडियो के मुताबिक, यह ढांचा देश का अब तक का सबसे लंबा एक्स्ट्रा डोज केबल ब्रिज बनकर तैयार हुआ है। किसी भी नदी पर अब तक जितने भी पुल बने हैं, उनमें यह वर्तमान में सबसे लंबा एक्स्ट्रा डोज केबल ब्रिज है। वीडियो में दिखाए गए 55 नंबर पिलर के पास से गंगा का विरल प्रवाह दिखाई देता है और इस समय चारों ओर केवल पानी ही पानी नजर आ रहा है।

देश भर में बन रहे बड़े नदी पुलों के संदर्भ में इस परियोजना का विशेष महत्व है। वीडियो में बताया गया है कि वर्तमान समय में नदी पर बने पुलों में यह देश का सबसे लंबा एक्स्ट्रा डोज केबल ब्रिज है। भविष्य में जब धुबरी-फुलवारी ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा, तब यह परियोजना देश का दूसरा सबसे लंबा ऐसा पुल बनेगी। हालांकि जब तक वह तैयार नहीं होता, तब तक किसी भी नदी पर बने एक्स्ट्रा डोज केबल पुलों में यह देश का सबसे लंबा पुल बना रहेगा।

छह लेन के इस नए गंगा पुल पर छोटे और बड़े दोनों तरह के वाहनों का आवागमन शुरू हो चुका है। पुल की मुख्य सड़क पर भारी ट्रकों से लेकर तिपहिया टोटो, ऑटो और छोटी निजी गाड़ियां जैसे कार और बाइक तेज रफ्तार से गुजरते हुए दिखाई दे रहे हैं। विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए छह लेन का चौड़ा मार्ग उपलब्ध होने से नदी पार करने में गाड़ियों को सुगम आवाजाही मिल रही है।

यातायात को व्यवस्थित रखने और बुनियादी सुविधाओं के संचालन के लिए पुल से आगे आवश्यक ढांचा भी तैयार किया गया है। वीडियो के अनुसार, इस मार्ग पर आगे बिहार सरकार ने एक टोल प्लाजा, प्रशासनिक भवन (एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग) और उसके साथ में एक अस्पताल का निर्माण करवाया है। वीडियो में तंज कसते हुए कहा गया है कि रॉन्ग साइड गाड़ी चलाने से होने वाले हादसों को देखते हुए यह अस्पताल बनवाया गया है।

एक ओर जहां इस छह लेन ब्रिज पर आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है, वहीं जमीनी स्तर पर यातायात नियमों के उल्लंघन की गंभीर स्थिति भी देखने को मिल रही है। वीडियो के मुताबिक, इस छह लेन पुल पर गाड़ियां सही दिशा में चलने के साथ-साथ कई स्थानों पर रॉन्ग साइड यानी विपरीत दिशा में भी दौड़ाई जा रही हैं। जिस लेन में सामने से गाड़ियां आनी हैं, उसी लेन में कई वाहन विपरीत दिशा में चल रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

तेज रफ्तार वाले इस छह लेन मार्ग पर विपरीत दिशा में वाहन चलाना गंभीर हादसों का कारण बन सकता है। वीडियो में वाहन चालकों से विशेष रूप से अपील की गई है कि वे इस सड़क पर संयमित होकर गाड़ी चलाएं और किसी भी स्थिति में रॉन्ग साइड में गाड़ी न ले जाएं। सड़क सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने पर जोर देते हुए इस पूरे प्रोजेक्ट को बदलते बिहार के बुनियादी ढांचे की एक प्रमुख तस्वीर बताया गया है।