बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव ने बुधवार तड़के भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्णब' का रूप लेकर आंध्र प्रदेश तट को पार कर लिया। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बुलेटिन संख्या 24 के आधिकारिक आंकड़ों से साफ हुआ है कि तूफान का लैंडफॉल मछलीपट्टनम और काकीनाडा के बीच हुआ। इस दौरान समुद्र तट पर 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं दर्ज की गईं, जिनके झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे।
तटीय जिलों में बुनियादी ढांचे को भारी क्षति
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा, कोनासीमा, पश्चिम गोदावरी और कृष्णा जिलों में चक्रवात के असर से सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। राष्ट्रीय राजमार्ग 16 (चेन्नई-कोलकाता कॉरिडोर) पर कई जगहों पर भारी जलभराव और गिरे पेड़ों के कारण मालवाहक वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और एनडीआरएफ की 42 टीमें सड़कों को साफ करने में जुटी हैं।
पूर्वी तट रेलवे (ECoR) और दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने सुरक्षा के मद्देनजर विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा और भुवनेश्वर रूट की 130 से अधिक ट्रेनों को या तो रद्द किया है या बदले हुए मार्गों से चलाया है। विशाखापट्टनम और काकीनाडा बंदरगाहों पर 10 नंबर का संकटकालीन चेतावनी सिग्नल जारी रहा।
राहत और बचाव के आंकड़े
प्रशासन ने लैंडफॉल से पहले तटीय निचले इलाकों से 95,000 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया। काकीनाडा जिले में 24 घंटे के भीतर 180 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति की समीक्षा करते हुए बिजली बहाली और पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता पर रखा है। पड़ोसी राज्य तेलंगाना और ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी अगले 36 घंटों के लिए मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।



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