वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के सेकंड एसी कोच की आंतरिक संरचना और यात्री सुविधाएं सामने आई हैं। कोच में यात्रियों की सुविधा और प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। सेकंड एसी कोच में पूरे डिब्बे के भीतर पर्दे (कर्टन) लगाए गए हैं, जबकि थर्ड एसी कोच में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती है।
कोच के मुख्य हिस्से में चार यात्रियों के बैठने और लेटकर यात्रा करने की व्यवस्था की गई है। यहां यात्रा के दौरान बाहर का दृश्य देखने के लिए बड़ी खिड़कियां दी गई हैं। खिड़कियों पर पुश-एंड-पुल शैली के कर्टन लगाए गए हैं, जिन्हें नीचे खींचकर बंद किया जा सकता है और ऊपर उठाकर खोला जा सकता है। इसके अलावा कोच में दोनों तरफ लॉक खोलकर सीट को नीचे गिराने की व्यवस्था है, जिससे वह सोने के लिए एक चौड़ी बर्थ में तब्दील हो जाती है।
यात्रियों की व्यक्तिगत सुविधाओं के लिए हर सीट पर अलग से एयर कंडीशनिंग (एसी) वेंट और पुश-बटन से संचालित होने वाला रीडिंग लैंप लगाया गया है। मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के लिए हर बर्थ पर एक अलग पैनल दिया गया है। इस पैनल में सामान्य चार्जिंग सॉकेट के साथ-साथ यूएसबी पोर्ट और सी-टाइप केबल पोर्ट दिए गए हैं। चार्जिंग के दौरान फोन रखने के लिए पास में ही मोबाइल होल्डर की व्यवस्था भी की गई है।
कोच के दूसरी तरफ अन्य पारंपरिक ट्रेनों की तरह दो यात्रियों के बैठने और सोने की व्यवस्था की गई है, साथ ही वहां शीशा (मिरर) भी लगाया गया है। वीडियो के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर का सेकंड एसी कंपार्टमेंट पारंपरिक ट्रेनों से पूरी तरह अलग है और यह बदलते भारत की आधुनिक रेल व्यवस्था को दर्शाता है।



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