उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस रेलवे स्टेशन से देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह आधुनिक स्लीपर ट्रेन काशी को सीधे देश की राजधानी नई दिल्ली से जोड़ती है। उद्घाटन के अवसर पर बनारस स्टेशन परिसर को फूलों और मालाओं से सजाया गया था, जहां गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में ट्रेन को नई दिल्ली के लिए रवाना किया गया।

इस ट्रेन के नियमित परिचालन समय और मार्ग की बात करें तो यह ट्रेन बनारस से रात 8:50 बजे प्रस्थान करेगी। अपनी यात्रा के दौरान यह ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। रात भर के इस सफर से वाराणसी और नई दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।

ट्रेन की बनावट और क्षमता के अनुसार यह पूरी रैक 16 कोच की है। इसमें फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी श्रेणी की बोगियां शामिल की गई हैं। इस पूरी ट्रेन में एक साथ लगभग 800 यात्री सफर कर सकते हैं। ट्रेन के भीतर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक बदलाव किए गए हैं।

थर्ड एसी कोच में सामान्य ट्रेनों की तरह एक तरफ तीन बर्थ (लोअर, मिडिल और अपर) और दूसरी तरफ दो बर्थ की व्यवस्था है। हर सीट के लिए अलग से पुश बटन वाली रीडिंग लैंप, मोबाइल होल्डर और यूएसबी टाइप-सी कनेक्टर के साथ चार्जिंग सॉकेट लगाए गए हैं। ऊपर की बर्थ पर चढ़ने के लिए नए और सुविधाजनक डिजाइन की सीढ़ियां लगाई गई हैं। कोच के प्रवेश द्वार पर दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर रखने की विशेष जगह बनाई गई है। इसके अलावा ट्रेन अटेंडेंट के सोने के लिए अलग सीट का प्रबंध किया गया है। कोच में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनसे भीतर आने और बाहर जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा सकेगी। पैंट्री क्षेत्र में हवाई जहाज की तर्ज पर खाना गर्म करने और ट्रे से भोजन परोसने की आधुनिक व्यवस्था दी गई है। टॉयलेट में इंडियन और वेस्टर्न दोनों तरह के विकल्प हैं, जिनमें बाहर की तरफ वैकेंट इंडिकेटर लाइट लगी है जो अंदर से लॉक होने पर लाल और खाली होने पर हरी रहती है।

सेकंड एसी कोच में यात्रियों की गोपनीयता के लिए पर्दे लगाए गए हैं। इसमें चार यात्रियों के बैठने और सोने की क्षमता वाला मुख्य कंपार्टमेंट और दूसरी तरफ दो यात्रियों के लिए बर्थ की व्यवस्था है। हर बर्थ पर रीडिंग लैंप, एसी वेंट, मोबाइल होल्डर और चार्जिंग सॉकेट दिए गए हैं।

फर्स्ट एसी कोच में चार यात्रियों वाले कूप और दो यात्रियों वाले कपल कूप बनाए गए हैं। इस कोच में दरवाजों को पूरी तरह बंद कर कमरे जैसी गोपनीयता मिलती है। कूप के भीतर अटेंडेंट कॉल बटन, स्विच पैनल, डस्टबिन, बॉटल होल्डर, टेबल और ऊपर की सीट तक जाने के लिए मजबूत सीढ़ी दी गई है। फर्स्ट एसी की एक बड़ी खासियत इसका पारदर्शी स्विच है। इस बटन को दबाने पर शीशा पारदर्शी हो जाता है और बटन छोड़ते ही वह अपारदर्शी हो जाता है, जिससे यात्रियों को पूरी प्राइवेसी मिलती है। इसके अलावा इसमें पुश और पुल पर्दे भी लगे हैं तथा बर्थ को चौड़ा या सामान्य करने की समायोज्य सुविधा दी गई है।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सेकंड एसी कोच में स्कूली बच्चों से मुलाकात की। बच्चों ने उन्हें विकसित बनारस से जुड़े पोस्टर और चित्र दिखाए, जिस पर नेताओं ने उनसे बातचीत की और बच्चों को चॉकलेट बांटी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन निर्माण की जानकारी देते हुए बताया कि स्लीपर वंदे भारत का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि पहली ट्रेन के संचालन से मिले अनुभवों के आधार पर इसमें जरूरी सुधार किए गए हैं। इसी तरह दूसरी और तीसरी ट्रेन के अनुभवों के आधार पर आगे और भी सुधार किए जाएंगे। इसके बाद स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों का बड़े पैमाने पर मास प्रोडक्शन शुरू होगा, जिसके तहत एक साथ 50 से 60 ट्रेनों का ऑर्डर दिया जाएगा। रेल मंत्री के अनुसार जिस तरह चेयर कार वंदे भारत ने देश के कोने-कोने को जोड़ा है, उसी तरह स्लीपर वंदे भारत के जरिए भी पूरे देश में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वीडियो के अनुसार अगली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ बेंगलुरु में भी निर्धारित है।